प्रेस रिव्यू: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बलात्कार और यौन शोषण के पीड़ित बालकों को भी मिले मुआवजा

कोई ज़रूरत नहीं हैं. इनके लिए भी समाज में स्वीकार्यता होनी चाहिए.
हालांकि ऐसा नहीं है कि सभी मनोचिकित्सक इससे इत्तेफ़ाक रखते हों.
'इंडियन साइकीऐट्रिक सोसाइटी' ने एक आधिकारिक बयान में कहा था कि अब समलैंगिकता को बीमारी समझना बंद कर देना चाहिए.
सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अजित भिड़े का कहना है कि पिछले 40-50 सालों में ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो ये साबित कर सके कि समलैंगिकता एक बीमारी है.
डॉ. भिड़े ने ये भी कहा कि समलैंगिक होना बस अलग है, अप्राकृतिक या असामान्य नहीं. हालांकि आईपीसी की धारा-377 भी समलैंगिक संबंधों को अप्राकृतिक और दंडनीय अपराध मानती है.युक्त राष्ट्र के एक कैंपेन (मानवाधिकार के तहत आने वाले फ्री एंड इक्वल कैंपेन) के अनुसार दुनियाभर के 76 देशों में समलैंगिकता को लेकर भेदभावपूर्ण क़ानून हैं.
कुछ देशों में इसके लिए मृत्यदंड का प्रावधान भी है.
हालांकि बीते कुछ सालों में समलैंगिकता को लेकर स्वीकार्यता बढ़ी है. ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में गे शादियों को क़ानूनी मान्यता देने के लिए वोट कराए गए, बरमूडा में भी गे विवाह को प्रतिबंधित करने वाले क़ानून को बदल दिया गया.
अक्तूबर 2017 तक के आंकड़ों की मानें तो क़रीब 25 देश ऐसे हैं, जहां समलैंगिक संबंधों को क़ानूनी मान्यता प्राप्त है.
लेकिन इस समाज के लोगों का कहना है कि शादी को क़ानूनी मान्यता दिलाना उनका लक्ष्य नहीं है. उनकी लड़ाई पहचान के लिए है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बलात्कार, यौन उत्पीड़न और तेजाबी हमलों के मामलों में जिस तरह पीड़ित बच्चियों को मुआवजा मिलता है, ठीक वैसे ही पीड़ित बालकों को भी मुआवजा मिलना चाहिए.
यह ख़बरडियन एक्सप्रेस की ख़बर
अंग्रेजी अख़बार हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रियों का समूह (जीओएम) गुरुवार को मॉब लिंचिंग को काबू में करने के उपायों पर चर्चा करेगा.
इस बैठक की अध्यक्षता गृहमंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. यह बैठक मॉब लिंचिंग पर एक पैनल की सिफ़ारिशें आने के बाद हो रही है.
पैनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया का अनुशासित इस्तेमाल मॉब लिंचिंग को रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है.
हाल के महीनों में सोशल मीडिया
बॉलीवुड स्टार शाहरुख ख़ान ने अपने घर पर जन्माष्टमी का त्योहार मनाया लेकिन देवबंद के उलेमाओं को यह रास नहीं आया.
नवभारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक शाहरुख ने मुंबई में जन्माष्टमी पर अपने घर पर दही हांडी फोड़ी थी जिसके बाद उलेमा उनसे ख़फ़ा हो गए.
उन्होंने इसे नाजायज़ और इस्लाम में हराम बताया है. उलेमाओं का कहना है कि इस्लाम में दूसरे धर्म के त्योहार मनाने पर पाबंदी है.
देवबंद के उलेमा मौलाना नदीम उल वाजदी के मुताबिक एक मुसलमान का हिंदू त्योहार मनाना और उसमें शामिल होना शरीयत के हिसाब से ग़लत है.
उन्होंने कहा कि इस्लाम इस बात की इजाज़त नहीं देता कि कोई मुसलमान अपने घर पर ग़ैर-इस्लामिक त्योहार मनाए.
जैसे व्हाट्सऐप और फ़ेसबुक पर फैली अफ़वाहों की वजह से मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं सामने आई थीं.
के मुताबिक केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि डॉलर के मुक़ाबले रुपये की गिरती क़ीमत पर चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है क्योंकि इसके पीछे वैश्विक वजहें हैं.
जेटली ने कहा, ''डॉलर की तुलना में रुपये के कमज़ोर होने के पीछे कोई घरेलू कारण नहीं है. अगर आप देखें तो पाएंगे कि पिछले कुछ दिनों में डॉलर लगभग सभी विदेशी मुद्राओं के मुक़ाबले मज़बूत हुआ है.''
जेटली ने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक रुपये की क़ीमत को काबू में करने के लिए पूरी कोशिशें कर रहा है और उन्हें यक़ीन है यह जल्दी स्थिर हो जाएगा.
सोमवार को भारतीय रुपये की क़ीमत डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड 71.21 तक पहुंच गई थी.
दैनिक जागरण समेत कई अख़बारों ने प्रमुखता से छापी है.
अदालत ने कहा है कि पीड़ितों के साथ जेंडर यानी लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए.
यह आदेश बुधवार को जस्टिस मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने यौन उत्पीड़न के शिकार लोगों के मुआवजे पर बनी योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया.
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर जीवन अनमोल है और कोई भी अदालत रुपये-पैसे की दृष्टि से उसका आकलन नहीं कर सकती है.

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